विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर जिला कार्यालय पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी आशीष भटगांई की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों, तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनपद को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि तंबाकू स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इसके सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, स्ट्रोक, अस्थमा एवं ब्रोंकाइटिस जैसी जानलेवा समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने सभी विभागों को निर्देशित किया कि विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर विशेष रूप से युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाए।
बैठक में “ज़िंदगी चुनें, तंबाकू नहीं” संदेश के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और तंबाकू से दूर रहने का आह्वान किया गया। अधिकारियों को बताया गया कि सिगरेट, बीड़ी तथा चबाने वाले तंबाकू उत्पादों में निकोटिन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टार, आर्सेनिक, कैडमियम एवं फॉर्मल्डिहाइड जैसे घातक तत्व पाए जाते हैं, जो मानव शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।
बैठक में कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए धारा-4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध तथा धारा-6 के अंतर्गत 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं किशोरों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी नियमों के प्रभावी अनुपालन पर जोर दिया गया।
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के अंतर्गत जनपद में संचालित गतिविधियों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक कोटपा अधिनियम के अंतर्गत कुल 1,876 चालान किए गए। तंबाकू के दुष्प्रभावों के संबंध में 120 से अधिक विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 19,612 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए। इसके अतिरिक्त तंबाकू का सेवन कर रहे 4,957 व्यक्तियों की काउंसलिंग की गई तथा 274 व्यक्तियों को निकोटेक्स वितरित किए गए। तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान कार्यक्रम के अंतर्गत 120 विद्यालयों में तंबाकू मुक्त क्षेत्र के बोर्ड भी स्थापित किए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम को केंद्रीय, राज्य एवं जिला स्तर पर संचालित किया जाता है। जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा प्रशिक्षण, सूचना-शिक्षा-संचार गतिविधियां, स्कूल कार्यक्रम, तंबाकू नियंत्रण कानूनों की निगरानी तथा तंबाकू त्याग सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।
जिला अस्पताल पिथौरागढ़ स्थित तंबाकू परामर्श एवं नियंत्रण केंद्र की वर्ष 2026-27 की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब तक 459 व्यक्तियों को परामर्श प्रदान किया गया तथा 48 व्यक्तियों को निकोटेक्स वितरित किए गए हैं।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बैठक में तंबाकू नियंत्रण अभियान को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित विभागों को कोटपा अधिनियम के अंतर्गत चालानों की संख्या बढ़ाने तथा तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सार्वजनिक स्थलों, कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं अन्य प्रमुख स्थानों पर ‘नो स्मोकिंग’ डिस्प्ले बोर्ड, चेतावनी सूचक बोर्ड तथा जागरूकता संबंधी स्टिकर अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाने के भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रवर्तन एवं जागरूकता दोनों पहलुओं पर समान रूप से कार्य किया जाना आवश्यक है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा सके।
बैठक में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों की भी जानकारी दी गई। गत वर्ष 31 मई को गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज, पिथौरागढ़ में “आकर्षण का पर्दाफाश – निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला”।थीम पर कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा ।
बैठक में अपर चिकित्साधिकारी प्रशान्त कौशिक, खण्ड विकास अधिकारी बिण राजेंद्र अवस्थी, खण्ड विकास अधिकारी मुनाकोट आशा मेहता, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु नौगाई सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया तथा जनपद को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।