पिथौरागढ़। प्रधान संगठन विण पिथौरागढ़ ने अध्यक्ष भरत राम के नेतृत्व में ग्राम पंचायतों पर ओन सोर्स रेवेन्यू (OSR) बढ़ाने के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्यों का विरोध करते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में प्रधान संगठन ने कहा कि पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों की ग्राम पंचायतें पहले से ही सीमित संसाधनों, पलायन और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। ऐसे में पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय अधिकार और आय के नए स्रोत उपलब्ध कराए बिना राजस्व बढ़ाने के लक्ष्य निर्धारित करना व्यावहारिक नहीं है।
संगठन का कहना है कि इस व्यवस्था से ग्राम प्रधानों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा तथा पंचायतों का मूल उद्देश्य ग्रामीण विकास प्रभावित होगा। ज्ञापन में सरकार से मांग की गई है कि 10 जून 2026 को जारी आदेश को तत्काल वापस लिया जाए तथा पंचायत प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही कोई नई व्यवस्था लागू की जाए।
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार द्वारा उक्त आदेश पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो प्रदेश भर के ग्राम प्रधान लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन कि होगी। ज्ञापन देने में ग्राम प्रधान चंद्रा महर,जागृति भंडारी,भावन भट्ट,आशा देवी,हिमानी जोशी,कमला वर्मा,पूजा,त्रिलोक सिंह,मनीषा वेरी,मुकेश कुमार,ललिता खड़ायत,गौरव पांडेय,रविन्द्र सिंह,बलवंत सिंह, अनिता खनका,विमला देवी सहित सेकड़ो प्रधान मौजूद रहे।