पिथौरागढ़

एसएसबी के जवान बने फरिश्ता, 2 किमी स्ट्रेचर पर ढोकर बीमार ग्रामीण को पहुंचाया सड़क तक

पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र में 55वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए गंभीर रूप से बीमार एक ग्रामीण को दुर्गम पहाड़ी रास्ते से स्ट्रेचर के माध्यम से सुरक्षित मोटर मार्ग तक पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे सीमा चौकी तड़ीगांव को सूचना मिली कि ग्राम तड़ीगांव निवासी गोपीचंद पुत्र योगीराम की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाना आवश्यक है। गांव से निकटतम मोटर मार्ग टाकुला गांव में लगभग दो किलोमीटर दूर होने तथा अधिकांश ग्रामीणों के बुजुर्ग होने के कारण उन्हें सड़क तक पहुंचाना संभव नहीं हो पा रहा था।

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सूचना मिलते ही सीमा चौकी तड़ीगांव के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक (सामान्य) जगदीश के नेतृत्व में एसएसबी का दल स्ट्रेचर और आवश्यक सामग्री के साथ मौके पर पहुंचा। जवानों ने बीमार ग्रामीण को स्ट्रेचर पर लिटाकर दुर्गम और संकरे पहाड़ी मार्ग से करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर सुरक्षित रूप से टाकुला गांव स्थित मोटर मार्ग तक पहुंचाया।

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मोटर मार्ग पर पहले से मौजूद उनके पुत्र सूर्यप्रकाश को गोपीचंद को सुरक्षित सुपुर्द किया गया, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।

एसएसबी जवानों की इस त्वरित और मानवीय सहायता के लिए गोपीचंद के परिजनों और ग्रामीणों ने 55वीं वाहिनी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जवानों की सेवा-भावना और तत्परता की सराहना की।

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एसएसबी ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बल सीमा सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सहायता, आपदा राहत, चिकित्सा सहायता और जनकल्याण के कार्यों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। यह घटना एक बार फिर एसएसबी के मूल मंत्र सेवा, सुरक्षा एवं बंधुत्व को चरितार्थ करती है।

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