पिथौरागढ़। मानसून के दौरान सुकौली–गणकोट मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर सड़क के गड्ढों को भरकर मार्ग को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद सड़क के डामरीकरण और स्थायी सुधार की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
ग्रामीण भुवन कुमार ने आरोप लगाया कि जिला स्तर के जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय ही गांव का दौरा करते हैं और विकास के बड़े-बड़े वादे कर चले जाते हैं। उनका कहना है कि जिला मुख्यालय के निकट स्थित ग्राम पंचायत होने के बावजूद प्रशासन की ओर से भी सड़क के स्थायी समाधान के लिए कोई सकारात्मक पहल देखने को नहीं मिली।
ग्रामीण पंकज कुमार ने कहा कि गणकोट आपदा की मार झेल चुका है। आपदा के दौरान कई जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया, लेकिन उसके बाद सड़क की सबसे महत्वपूर्ण मांग—डामरीकरण—को लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि आपदा के बाद कुछ स्थानों पर मरम्मत कार्य हुए, लेकिन सड़क के स्थायी निर्माण का मुद्दा अब भी अधूरा है।
पूर्व प्रधान नीरज कुमार गनकोटिया ने कहा कि करीब दो माह पूर्व गांव के सपूत शहीद विकास ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था। शहीद के परिवार ने भी गांव की सड़क के डामरीकरण की मांग उठाई थी, लेकिन समय बीतने के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण को लेकर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आगामी विधानसभा चुनाव में गांव के लोग सामूहिक रूप से एक ऐतिहासिक निर्णय लेंगे। उनका कहना है कि इसकी रणनीति पर विचार चल रहा है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।
बता दे ग्राम में श्रमदान करने वालों में भगीरथ कुमार, पंकज कुमार,भुवन कुमार सरपंच,दिनेश कुमार, श्यामू राम,हेमंत कुमार,अजय कुमार,राम पाण्डेय, लक्ष्मण कुमार, नीरज कुमार पूर्व प्रधान मौजूद रहे और कई ग्रामीणों सहित प्राथमिक विद्यालय प्रशासन ने आर्थिक सहयोग कर श्रमदान में अपना योगदान दिया। उन्होंने बताया कल दिनांक 10/07/2026 को भी कार्य जारी रहेगा।