पिथौरागढ़: 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ में पदस्थ मुख्य आरक्षी कैलाश चंद जोशी, पिता स्वर्गीय बसुदेव जोशी, निवासी ग्राम/पोस्ट– मेलडुंगरी, जनपद– पिथौरागढ़ उत्तराखंड को दिनांक 25.05.2026 को राजभवन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम “एक शाम सैनिकों के नाम” के दौरान उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, वीएसएम सेवानिवृत्त द्वारा साहसिक, अनुकरणीय एवं उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
मुख्य आरक्षी कैलाश चंद जोशी वर्तमान में 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ के दुर्गम, संवेदनशील एवं पर्वतीय सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों, सीमित संसाधनों एवं कठिन चुनौतियों के बावजूद उन्होंने सदैव अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं कर्तव्यपरायणता के साथ किया है। उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली, अनुशासन एवं सेवा भावना ने न केवल सशस्त्र सीमा बल की गरिमा एवं प्रतिष्ठा को बढ़ाया है, बल्कि अन्य कार्मिकों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उत्तराखंड शासन द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान मुख्य आरक्षी कैलाश चंद जोशी की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ 55वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, पिथौरागढ़ के समस्त कार्मिकों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का भी प्रतीक है। यह सम्मान बल के सभी कार्मिकों के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है तथा भविष्य में और अधिक समर्पण एवं उत्कृष्टता के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित करता है।