जनपद पिथौरागढ़ के व्यास घाटी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा को लेकर इस वर्ष देशभर के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा संचालन हेतु जारी किए जा रहे इनर लाइन परमिट (आईएलपी) की संख्या ने पिछले वर्षों के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।
वर्ष 2025 में पूरे यात्रा सत्र के दौरान कुल 36,526 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे, जबकि इस वर्ष यात्रा प्रारंभ होने के मात्र 39 दिनों के भीतर ही यह आंकड़ा पार हो गया है। अब तक कुल 36,776 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं, जो यात्रा के प्रति बढ़ते आकर्षण और जनविश्वास को दर्शाता है।
देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, ट्रेकर एवं प्रकृति प्रेमी सीमांत जनपद पिथौरागढ़ पहुंचकर आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के दर्शन कर रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, यात्री सुविधाओं तथा परमिट प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाते हुए यात्रियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
आदि कैलाश क्षेत्र को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जोलिंगकोंग स्थित आदि कैलाश भ्रमण तथा वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आदि कैलाश जोलिंगकोंग में आयोजित योग कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच एवं सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन संवर्धन की पहल के तहत वर्ष 2025 में आयोजित आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन ने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाई। इन प्रयासों ने आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन और सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास को नई गति प्रदान की है।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में लगातार बढ़ रहा उत्साह इस वर्ष नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में पूरे यात्रा सत्र के दौरान लगभग 36,600 श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, जबकि इस वर्ष मात्र 39 दिनों में ही 36,700 से अधिक इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। यह न केवल पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को पार करने वाली उपलब्धि है, बल्कि आदि कैलाश एवं ओम पर्वत के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और आकर्षण का भी प्रमाण है।
जिलाधिकारी ने कहा कि यात्रा मार्गों पर बेहतर सड़क संपर्क, यात्री सुविधाओं के विस्तार तथा आवासीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार द्वारा यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके फलस्वरूप क्षेत्र में होमस्टे सहित अन्य आवासीय सुविधाओं का विकास हुआ है, जिससे यात्रियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रा में बढ़ती सहभागिता का सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय व्यापार, परिवहन, होमस्टे संचालन, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। इससे सीमांत क्षेत्र की आर्थिकी सुदृढ़ होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
इन्हीं पहलों और बढ़ती राष्ट्रीय पहचान का परिणाम है कि देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पर्यटक, ट्रेकर और प्रकृति प्रेमी आदि कैलाश एवं ओम पर्वत की यात्रा के लिए पिथौरागढ़ पहुंच रहे हैं। यात्रा के प्रति बढ़ते आकर्षण ने इस वर्ष आगंतुकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कराई है और पिछले वर्ष के सभी रिकॉर्ड पीछे छूट गए हैं।
सीमांत जनपद पिथौरागढ़ न केवल श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहा है, बल्कि उन्हें सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं यादगार यात्रा अनुभव भी प्रदान कर रहा है। यह उपलब्धि स्थानीय पर्यटन, रोजगार सृजन, स्वरोजगार के अवसरों तथा सीमांत क्षेत्रों के सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।