मुनस्यारी। उच्च हिमालयी क्षेत्रों को स्वच्छ और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से सोसायटी फॉर एक्शन इन हिमालय के बैनर तले 16 जून से चीन सीमा से लगे मल्ला जोहार क्षेत्र के नौ गांवों में दो दिवसीय “क्लीन द हिमालय” अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) से भी सहयोग मांगा गया है।
सोसायटी के अध्यक्ष जगत सिंह मर्तोलिया ने बताया कि मल्ला जोहार के अधिकांश गांव अब सड़क मार्ग से जुड़ चुके हैं, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ठोस अपशिष्ट (कूड़ा) प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि 16 जून को अभियान की शुरुआत बुर्फू गांव से होगी, जिसके बाद बिलजू, मिलम, मापा, गनघर और पाछू गांवों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं 17 जून को मर्तोली, रिलकोट और लास्पा गांवों में समुदाय के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर संवाद किया जाएगा।
अभियान के दौरान स्थानीय लोगों को बिना अतिरिक्त खर्च के कूड़ा प्रबंधन के व्यावहारिक तरीके सिखाए जाएंगे। आयोजकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो हिमालय का यह संवेदनशील क्षेत्र कूड़े के बढ़ते दबाव से प्रभावित हो सकता है। मर्तोलिया ने कहा कि “हिमालय बचेगा तभी दुनिया बचेगी” और इसके संरक्षण के लिए आम जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है।
मल्ला जोहार विकास समिति भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएगी। समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू ने कहा कि जलवायु परिवर्तन का असर हिमालयी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में हिमनदों, जल स्रोतों, वनस्पतियों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।