देहरादून: मंगलवार को लोक भवन, नैनीताल में तेलंगाना राज्य स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, पंतनगर में अध्ययनरत तेलंगाना के विद्यार्थियों से संवाद किया तथा प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्तराखण्ड में अपने अनुभव साझा किए और यहां की संस्कृति, शिक्षा एवं वातावरण के प्रति अपने विचार व्यक्त किए।
राज्यपाल ने कहा कि तेलंगाना समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा, वनों एवं वन्य जीवों से समृद्ध राज्य है। अपनी ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विविधता और विकासोन्मुख दृष्टिकोण के कारण तेलंगाना देश में एक विशिष्ट पहचान रखता है तथा पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत आकर्षक है। उन्होंने कहा कि कृषि, तकनीकी एवं साइबर क्षेत्र में तेलंगाना द्वारा अर्जित उपलब्धियां देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
राज्यपाल ने अपने सैन्य सेवा काल के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें तेलंगाना से विशेष आत्मीय जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि सैन्य सेवा के दौरान लगभग तीन वर्षों तक वहां कार्य करने का अवसर मिला, जिसने उन्हें राज्य की संस्कृति, लोगों और परंपराओं को निकट से समझने का अवसर प्रदान किया।
राज्यपाल ने कहा कि विभिन्न राज्यों के स्थापना दिवस मनाने से देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को जानने, समझने और आपसी संवाद को बढ़ावा देने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि “विविधता में एकता” भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक समन्वय, पारस्परिक समझ और राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करती है। यह पहल एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर प्रथम महिला श्रीमती गुरमीत कौर, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के प्रो डी एस मूर्ति सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।