डीडीहाट। उत्तराखंड क्रांति दल के आवाहन पर शुक्रवार को डीडीहाट स्थित व्योम रेस्टोरेंट में विधानसभा क्षेत्र के वंचित एवं चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में आंदोलनकारी पहुंचे और अपने अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद की।
बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड क्रांति दल अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के कुमाऊं मंडल अध्यक्ष एवं राज्य निर्माण सेनानी दिनेश गुरुरानी ने की, जबकि संचालन यूकेडी नेता गोविंद सिंह रावत ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए दिनेश गुरुरानी ने कहा कि डीडीहाट विधानसभा क्षेत्र की जनता ने उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी, इसलिए हर घर से एक सदस्य को राज्य आंदोलनकारी घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची के अलावा वर्ष 2017 से 2021 तक आवेदन करने वाले वंचित आंदोलनकारियों के नाम भी सूची में शामिल किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि चिन्हीकरण तक संघर्ष जारी रहेगा।
यूकेडी नेता दीवान सिंह मेहता ने कहा कि अब सभी आंदोलनकारियों को एकजुट कर चिन्हीकरण के लिए दबाव बनाया जाएगा। वहीं गोविंद सिंह रावत ने कहा कि समय आ गया है जब सभी राज्य आंदोलनकारी एक मंच पर आकर उत्तराखंड क्रांति दल की सरकार बनाने का संकल्प लें।
बैठक के बाद दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में व्योम रेस्टोरेंट से उपजिलाधिकारी कार्यालय तक सैकड़ों आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इस दौरान “हिमालय बचाओ अभियान” के तहत आंदोलनकारियों को शपथ दिलाई गई तथा अभियान के 676वें दिन उपजिलाधिकारी को पौधा भेंट कर मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
दिनेश गुरुरानी ने उपजिलाधिकारी से मांग की कि चिन्हीकरण प्रक्रिया में शिथिलता बरतते हुए पूर्व की भांति दो चिन्हित आंदोलनकारियों और चिन्हीकरण समिति की संस्तुति पर प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। उपजिलाधिकारी खुशबू पांडे ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं और मांगों को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में सुनील शाह, सुभाष जोशी, विपिन जोशी, प्रताप सिंह, रतन गिरी गोस्वामी, गोविंद सिंह रावत, दीवान सिंह मेहता, नवीन सिंह कफलिया सहित कई आंदोलनकारी मौजूद रहे।
दिनेश गुरुरानी ने बताया कि आंदोलनकारियों की एक सूची भी प्रशासन को सौंपी गई है। साथ ही कहा कि 26 मई को उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।