भारत-तिब्बत व्यापार के लिए मंगलवार को व्यापारियों को व्यापारिक परमिट वितरित किए गए। उपजिलाधिकारी एवं ट्रेड अधिकारी धारचूला आशीष जोशी ने ट्रेड कार्यालय धारचूला में आयोजित कार्यक्रम के दौरान व्यापारियों को परमिट प्रदान किए।
उपजिलाधिकारी ने बताया कि भारत-तिब्बत सीमा व्यापार हेतु कुल 103 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से अब तक 26 परमिट तैयार किए जा चुके हैं। इनमें 17 परमिट भारतीय व्यापारियों तथा 9 परमिट भारतीय सहायक (हेल्परों) को जारी किए गए हैं।
इस अवसर पर भारत-तिब्बत सीमा व्यापार संघ के अध्यक्ष जीवन सिंह रौकली, महासचिव दौलत सिंह राइपा, बिशन सिंह गर्ब्याल, रतन सिंह राइपा, चक्कर सिंह बुधियाल सहित अन्य व्यापारियों को परमिट सौंपे गए।
उपजिलाधिकारी जोशी ने बताया कि गुंजी में कस्टम संबंधी औपचारिक प्रक्रियाएं भी प्रारंभ कर दी गयी हैं । उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं एवं लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि जो परमिट तैयार हो चुके हैं, उन्हें तत्काल जारी कर दिया जाए। शेष आवेदनों के सापेक्ष परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी लगातार जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि भारत-तिब्बत सीमा व्यापार के पुनः संचालन से सीमांत क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस वर्ष व्यापार में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। नवयुवक व्यापारी के रूप में सुनील गर्ब्याल सहित एक महिला व्यापारी भी इस व्यापारिक गतिविधि का हिस्सा बनने जा रही हैं।
भारत-तिब्बत सीमा व्यापार के पुनः संचालन से सीमांत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।