उत्तराखण्ड

पिथौरागढ़: सदर रामलीला में ताड़का वध, श्रीराम ने किया अहिल्या का उद्धार

पिथौरागढ़। रामलीला प्रबन्धकारिणी समिति पिथौरागढ़ की ओर से आयोजित ऐतिहासिक 130वें रामलीला मंचन के दूसरे दिन यज्ञ रक्षा, ताड़का वध और अहिल्या उद्धार की लीलाओं का प्रभावशाली मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ी और कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

मंचन में दिखाया गया कि महर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से श्रीराम और लक्ष्मण को साथ भेजने का आग्रह करते हैं। गुरु वशिष्ठ की सलाह और राजा दशरथ की आज्ञा से दोनों राजकुमार विश्वामित्र के साथ जाते हैं। इस दौरान श्रीराम ताड़का और सुबाहु का वध कर ऋषि के यज्ञ की रक्षा करते हैं, जबकि मारीच को परास्त कर दूर भेज देते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  श्रमिकों की बल्ले-बल्ले! धामी सरकार ने शुरू की 5 नई योजनाएं, मुफ्त स्वास्थ्य जांच और शिक्षा सामग्री मिलेगी

इसके बाद जनकपुरी में आयोजित होने वाले स्वयंवर का निमंत्रण मिलने पर महर्षि विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते हैं। रास्ते में श्रीराम अपने चरणों के स्पर्श से शापग्रस्त अहिल्या का उद्धार करते हैं।

यह भी पढ़ें 👉  स्नातक स्तरीय परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने हेतु धारा-163 लागू

राम की भूमिका आयुष कलखुडिया, लक्ष्मण की पीयूष उप्रेती, राजा दशरथ की रविकांत पुनेड़ा, भरत की सुमित खर्कवाल और शत्रुघ्न की गोलू वर्मा ने निभाई। वहीं, ताड़का की भूमिका आशीष पुनेठा, सुबाहु और मारीच की भूमिका विवेक व दिव्यांशु, विश्वामित्र की भूमिका आयुष तथा वशिष्ठ की भूमिका रवि ने निभाई। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने रामलीला के दृश्यों को जीवंत बना दिया।

To Top