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उत्तराखंड को बड़ा झटका पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री का मंगलवार को देहरादून स्थित मैक्स हॉस्पिटल में निधन हो गया। वह 91 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी पुत्री एवं उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने दी।

मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री रहे। वह अपनी ईमानदार छवि, सख्त प्रशासनिक शैली और पारदर्शी शासन व्यवस्था के लिए पूरे देश में सम्मानित थे। उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत कदम उठाए गए और लोकायुक्त बिल पारित कर सुशासन का संदेश दिया गया। साथ ही राज्य में 108 एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत भी उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जाती है।

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सेना से राजनीति तक उनका सफर बेहद प्रेरणादायी रहा। वर्ष 1954 में भारतीय सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में शामिल हुए खंडूरी वर्ष 1991 में मेजर जनरल पद से सेवानिवृत्त हुए। उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 1983 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया था।

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राजनीति में आने के बाद उन्होंने गढ़वाल लोकसभा सीट से कई बार सांसद के रूप में प्रतिनिधित्व किया। पूर्व प्रधानमंत्री की सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए उन्होंने गोल्डन क्वाड्रिलेटरल और नॉर्थ-साउथ एवं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। सड़क विकास में योगदान के कारण उन्हें “सड़क वाले खंडूरी” के नाम से भी जाना जाता था।

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मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल 8 मार्च 2007 से 23 जून 2009 तथा दूसरा कार्यकाल 11 सितंबर 2011 से 13 मार्च 2012 तक रहा। उनके नेतृत्व में राज्य में आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान दिया गया। उनके निधन पर प्रधानमंत्री , गृह मंत्री , रक्षा मंत्री तथा मुख्यमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया। उत्तराखंड ने आज एक ईमानदार, अनुशासित और दूरदर्शी नेता को खो दिया।

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