उत्तराखण्ड

ग्राम प्रधानों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर किया धरना प्रर्दशन कोरोना काल को शून्य मानकर सरकार बढ़ाये प्रधानों का कार्यकाल

पिथौरागढ़ – प्रधान संगठन 12 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार का अनदेखी का आरोप लगाया। प्रधानों ने कहा एक साल से अधिक समय से वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है।

लेकिन सरकार उनकी सुध लेने को तैयार नहीं है। शनिवार को ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह सौन के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने ब्लाकों में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।

यह भी पढ़ें 👉  टकाना सरकारी कालोनी की मरम्मत की माँग को लेकर यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में किया प्रर्दशन

प्रधानों ने सभी खण्ड विकास अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया प्रधानों ने कहा सरकार ग्राम के चौकीदार को 2000 हजार मानदेय दे रही है।

गाँव के मुखिया को सरकार 1500 रुपये दे रही है। प्रधानों ने मानदेय को बढ़ाकर दस हजार रुपये करने की मांग की। कहा बीते डेढ़ साल से कोरोना के कारण कई युवा बेरोजगार हुए हैं, जो अब मनरेगा से रोजगार पा रहे हैं। मगर 100 दिनों का कार्य होने से उन्हें अधिक लाभ नहीं मिल रहा है, जिसे 200 दिन किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें 👉  मुनस्यारी से 68 किमी दूर मिलम गाँव में बीआरओ ने 72 घण्टे में पुल किया तैयार ग्रामीणों ने बीआरओ व जिलाधिकारी आंनद स्वरूप का आभार व्यक्त किया

साथ ही कोरोना काल में प्रधानों के विकास कार्य ठप हो गए है प्रधानों ने माँग की है प्रधानों के कोरोना काल के कार्यकाल को शून्य मानते हुए 2 साल अतिरिक्त कार्यकाल बढ़ाया जाए। प्रधानों ने कॉमन सर्विस सेंटर सीएससी को ग्राम पंचायत के खाते से ढाई हजार रुपये का भुगतान का विरोध जताया।

यह भी पढ़ें 👉  जिलाधिकारी ने कहा हरेला पर्व में इस वर्ष नदी पुनर्जीवन थीम पर कार्यक्रम का होगा आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में चौड़ी पत्ती वाले चारा प्रजाति के पौधों का रोपण करने के दिये निर्देश

उन्होंने सरकार से पंचायत के वित्त से हो रही कटौती को रोकने को कहा है। प्रधानों ने कहा अगर शीघ्र ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो प्रधानों द्वारा जिले से लेकर प्रदेश तक आंदोलन को उग्र किया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।

To Top