पिथौरागढ़

*कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को प्रशासन ने किया चिह्नित*

पिथौरागढ़ – कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर के प्रकोप के बीच मुसीबत का सबसे बड़ा पहाड़ उन बच्चों पर टूटा, जिन्होंने महामारी की वजह से अपने माता पिता दोनों को खो दिया और बेसहारा हो गए, इस तरह के बच्चों के भविष्य के साथ ही वर्तमान में जीवन का संकट खड़ा हुआ है। मार्च 2020 से कोविड-19 महामारी में अकाल मृत्यु के कारण देश में काफी बच्चे अनाथ हो गये हैं,  उनके परिवार की रोजी रोटी चलाने वाले कमाऊ सदस्य की मौत होने से परिवार पर आर्थिक संकट गहराने लगा है। उत्तराखंड के जनपद पिथौरागढ़ में भी ऐसे बच्चों को चिन्हित किया जा रहा है। जिन्होंने अपने माता पिता परिवार की रोजी रोटी चलाने वाले को खो दिया है। सरकार द्वारा ऐसे बच्चों की देखभाल करने की योजना बनाई है। जिलाधिकारी आंनद स्वरूप ने बताया जनपद स्तर पर ऐसे बच्चों की देखभाल यथा संभव गैर संस्थानिक वातावरण में किये जाने व विशेष परिस्थितियों में बच्चों की देखभाल व पालन-पोषण किये जाने के निर्देश शासन से प्राप्त हुए हैं। जिसके क्रम में जनपद के सभी तहसील,ब्लाॅक,ग्राम स्तर पर कार्यरत समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों को ऐसे बच्चों को चिह्नित किए जाने के निर्देश पूर्व में दिये गये थे । वर्तमान तक जनपद पिथौरागढ़ में ऐसे कुल 27 बच्चे चिह्नित कर शासन को सूचना उपलब्ध करा दी गई है, ताकि शासन से प्राप्त निर्देशानुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

 

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