उत्तराखण्ड

उत्तराखंड के समस्त ब्लाकों में प्रदेश प्रधान संगठन 1 फरवरी को करेगा तालाबंदी

प्रधान संगठन के प्रदेश महामंत्री कुण्डल महर व जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर सिंह सौन ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर सम्मल ने प्रदेश के समस्त जिलाध्यक्षों, ब्लाक अध्यक्षों को निर्देशित किया है कि सरकार की मनमानी के कारण आज ग्राम पंचायतों में मनरेगा, राज्य व केंद्रीय वित्त के कार्य कराए जाने दिन प्रतिदिन जटिल होते जा रहे है। जिससे पंचायत की पहली सीढ़ी के मुख्याओं को असहज महसूस हो रहा है। महर ने कहा प्रदेश प्रधान संगठन की जिम्मेदारी है कि ग्राम प्रधानों की समस्याओं को हम सहज व सरल बनाने का काम करें।

प्रदेश महामंत्री महर ने बताया प्रदेश संगठन सभी प्रधानों की एकजुटता से कई फैसले ग्राम प्रधानों के पक्ष में करवा पाए है। सरकार द्वारा 1 जनवरी से मनरेगा मोबाइल मोनिटरिंग सिस्टम का फैसला कर ग्राम पंचायतों के पास एक मात्र साधन मनरेगा के तहत किये जा रहे विकास कार्यों पर कुठाराघात किया गया है। महर ने कहा सरकार को उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति को देखना चाहिए सरकार 5G नेटवर्क की बात कर रही है जबकि सीमान्त जनपद पिथौरागढ़ में आज भी 3G नेटवर्क नहीं चल रहा है। ग्रामीणों को फोन में बात करने के लिए भी सिग्नल खोजना पड़ता है। ऐसे में लगातार मनरेगा में दिन प्रतिदिन नए नए नियम लगाए जा रहे है, ऐसी स्थिति में कैसे ग्राम पंचायतों का विकास कर पाना संभव है।

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वहीं ग्राम पंचायतों में टाइड अनटाइड फंड का पचड़ा डालकर ग्राम पंचायतों के कार्यों पर लगाम लगाना है। प्रदेश प्रधान संगठन अपने समस्त जिलाध्यक्षों के माध्यम से ब्लाक अध्यक्षों को आव्हान करता है, की उपरोक्त तथ्यों को मध्यनजर रखते हुए प्रदेश प्रधान संगठन की कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार 1 जनवरी 2023 से लागू ऑनलाइन हाजरी को हटाकर पूर्व की भांति मस्ट्रोल जारी किए जाये क्योंकि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के अनुसार ऑनलाइन मोस्ट्रोल में कार्य करना संभव नहीं है। मनरेगा के कार्यों में मस्ट्रोल जारी करते ही सामग्री का भुगतान भी मस्ट्रोल पेमेंट के साथ ही किया जाए।

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राज्य एवं केंद्रीय वित्त में टाइड अनटाइड की बाध्यता को समाप्त कर ग्राम पंचायतों को खुली बैठक के अनुसार स्वेच्छा से योजना बनाने का अधिकार दिया जाए। 1 फरवरी को सभी जिलाध्यक्ष व ब्लाक अध्यक्ष अपनी कार्यकारणी व सभी ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर इन तीन माँगों को लेकर 1 फरवरी को अपने अपने ब्लाकों के कार्यालयों में 1 दिवसीय पूर्ण तालाबंदी करेंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन कि होगी। उन्होंने कहा शीघ्र माँगे पूरी नहीं होने पर सभी ग्राम प्रधान सड़कों में उतर कर एक विशाल आन्दोलन करने को बाध्य होंगे।

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